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Lok Sabha Debates
SPECIAL MENTION: Need To Include Rajasthani Language In The Eighth ... on 29 December, 2011

Title: Need to include Rajasthani language in the Eighth Schedule of the Constituion.

 डॉ. गिरिजा व्यास (चित्तौड़गढ़):माननीय अध्यक्ष महोदया, आपने मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देती हूं। ...( व्यवधान) मैं माननीय सदस्य की भावना से अपनी भावना, राजस्थान के समस्त सदस्यों की भावना और राजस्थानवासियों की भावनाओं को सम्बद्ध करते हुए आपके माध्यम से सरकार से अपील करना चाहती हूं कि संविधान की आठवीं अनुसूची में राजस्थानी भाषा को भी सम्मिलित किया जाए।

          महोदया, यह वह भाषा है, जिसकी भाषा में लिखे हुए दोहों से हमारे वीरों की भुजाएं फड़फड़ा उठती थीं और वे वीरगति की परवाह किये बगैर युद्ध को जारी रखते थे। यह हमारी अस्मिता और हमारी वीरता की भाषा है। मैं केवल एक बात कहना चाहती हूं - ‘मां ही एड़ों पूत जण्यो, जेड़ो वीर प्रताप, सोया सूं अकबर डरे, जाणि सिरहाने सांप।’ केवल इस बात को सोचकर कि अकबर तक जैसे सिरहाने सांप को देखकर डरता है, ऐसे पूत को तू जन्म दे। इस बात को सुनकर माताओं के मुख ये यह बात निकलती थी कि अपनी कोख से हम भी ऐसे ही पुत्रों को जन्म दें। एक ऐसी भाषा, जिसने उपनिषदों की अच्छी ट्रंसलेशन करके उन्हें जनभाषा तक पहुंचाया। ऐसी भाषा, जिसने साहित्य को सर्वोपरि पहुंचाया, चाहे वह कहानी जगत हो, उपन्यास जगत हो या कविता जगत हो, उसमें अपना स्थान बनाया। जो भाषा आज की संस्कृति के अनुरूप है, जो भाषा समसामयिक भी है, जिस भाषा में अनेक फिल्में, गीत बने हैं और हमारी संस्कृति हमारी इस भाषा के द्वारा ही जानी जाती हैं।

          मैं कहना चाहती हूं कि यदि आज के एपिसोड भी देख लें, मैं शत्रुघ्न सिन्हा जी की बात को आगे बढ़ाते हुए कहती हूं कि आप फिल्में देख लें, उनमें भी राजस्थान की संस्कृति की छाप ही हमेशा दिखाई देती है। हमारी भाषा के बगैर हमारी संस्कृति उच्च स्तर पर पहुंच नहीं सकती। इसलिए हम सबकी तरफ से सरकार से अपील है कि संविधान की आठवीं अनुसूची में राजस्थान की भाषा को सम्मिलित करने का कष्ट करें तथा भोजपुरी भाषा को भी आठवीं अनुसूची में सम्मिलित करने का कष्ट करें। ...( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : ठीक है, आप लोग अपने नाम सदन के सभा पटल पर भेज दीजिए।

         

श्री पी.एल.पुनिया,

 

श्री दुष्यंत सिंह,

 

श्री अजय कुमार,

 

श्री दिलीपकुमार मनसुखलाल गांधी,

 

श्री अर्जुन राम मेघवाल,

 

श्री महेश जोशी,

 

श्री हरीश चौधरी,

 

श्री पी.टी.थामस,

 

श्री ताराचन्द भगोरा,

 

डा.िकरीट प्रेमजीभाई सोलंकी,

 

श्री बालकृष्ण खांडेराव शुक्ला,

 

श्री लाल चंद कटारिया,

 

श्री इज्यराज सिंह,

 

श्री बद्री राम जाखड़,

 

श्री रतन सिंह,

 

श्री रघुवीर सिंह मीणा,

 

श्री खिलाड़ी लाल बैरवा,

 

श्री गोपाल सिंह शेखावत,

 

श्री भरत राम मेघवाल,

 

श्रीमती काकोली घोष दस्तिदार,

 

श्री कमल किशोर कमांडो,  डा. गिरिजा व्यास द्वारा उठाये गये विषय से अपने आपको सम्बद्ध करते हैं।