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Title: Need to make a new law for land acquisition in the country.
श्री हंसराज गं. अहीर (चन्द्रपुर): माननीय अध्यक्ष महोदया, मैं आपके माध्यम से भूमि अधिग्रहण के मामले को सदन में उठाना चाहता हूं। मेरे निर्वाचन क्षेत्र चन्द्रपुर जिले में कोयले की खानों और पावर प्लांट्स के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण होता रहा है और होने जा रहा है। भूमि अधिग्रहण कानून 1894 का है, जो कि बहुत पुराना है। उस पर कई बार सदन में चर्चा हो चुकी है और सरकार द्वारा बार-बार कहा जाता है कि हम कानून बनाने जा रहे हैं जो किसानों कि हित में होगा, विस्थापित किसानों को न्याय देने वाला होगा। लेकिन बरसों से मांग चली आ रही है कि कानून बदला जाए और ग्रामीण विकास मंत्री जी इस बारे में घोषणा भी कर चुके हैं। मैं यह उम्मीद करता हूं कि सरकार इस बिल को जल्द से जल्द लेकर आएगी और भूमि अधिग्रहण कानून विस्थापितों के हित में होगा। सरकार को इस बारे में पहल करनी चाहिए।
मैं अपने संसदीय क्षेत्र चन्द्रपुर की बात करना चाहता हूं। हमारे यहां कोयले की खानों और पावर प्लांट्स के लिए भूमि अधिग्रहण हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा भूमि अधिग्रहित की जाती है तो प्रति एकड़ 20,000 रुपए से 40,000 तक का ही मुआवजा दिया जाता है। यह अतिशय बहुत कम मूल्य किसानों को दिया जा रहा है। जो किसान विस्थापित हो रहे हैं, उनमें इस बात को लेकर भारी रोष और गुस्सा है। वे कई बार आंदोलन कर चुके हैं और हमने भी आंदोलन किया है। इस तरह से किसानों की जो लूट हो रही है, उनकी भूमि का कम मूल्यांकन किया जा रहा है। मैं चाहता हूं कि सरकार ने जो घोषणा की है कि वह भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में नया कानून बनाने जा रही है और सरकार किसानों के हित में निर्णय लेगी। तो सरकार ऐसा आदेश निकाले कि जब तक नया कानून नहीं बनेगा, तब तक पुराने कानून के अंतर्गत जो 1894 का एलए एक्ट है या 1957 का कोल-बीअरिंग एक्ट है, इन दोनों के अंतर्गत भी भूमि अधिग्रहण पर रोक लगे और नया कानून बनने तक सरकार किसानों को न्याय देने के लिए इस कानून को जल्दी से जल्दी बनाए। यह विनती मैं आपको माध्यम से करता हूं। धन्यवाद।
MADAM SPEAKER: Shri A.T. Nana Patil and
Shri Danve Raosaheb Patil would like