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Lok Sabha Debates
Need To Provide Immediate Relief To The People Affected By The Natural ... on 24 August, 2013

> Title: Need to provide immediate relief to the people affected by the natural calamities. श्री सतपाल महाराज (गढ़वाल):अध्यक्ष महोदया, आपने मुझे शून्यकाल में बोलने का समय दिया, इसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। मैं देवभूमि उत्तराखंड से आता हूं, हाल ही में वहां प्राकृतिक आपदा आई, बड़ी भीषण आपदा आई...( व्यवधान) अध्यक्ष महोदया : एक मिनट आप बैठ जाइये और इन्हें बोलने दीजिए।

श्री सतपाल महाराज : वहां बहुत ज्यादा लोग अकाल मृत्यु को प्राप्त हो गये। मैं यह बताना चाहूंगा कि उत्तराखंड के पांच जिलों में बहुत ही भयंकर आपदा आई, जिसमें रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, रामबाड़ा, गौरीकुंड, सोनप्रयाग, कालीमठ, जाल चौमासी, बक्सीर बांगर, रासी, गोंडार तथा चमोली जिले में गोविंदघाट, पांडुकेश्वर, थराली घाट, नारायण बगड़, उर्गम, लोहागंज, उत्तरकाशी जिले में उत्तरकाशी, गंगोरी, भटवारी, हर्षिल और पिथौरागढ़ जिले में धारचूला, जौलजीवी, मदकोट, बालुवाकोट, तवाघाट तथा बागेश्वर जिले में कपकोट आदि क्षेत्र आपदा से गंभीर रुप से प्रभावित हुए हैं। यहां करीब 1700 गांव आपदा के कारण समाप्त हो चुके हैं और चार हजार गांव आपदा से भयंकर रूप से प्रभावित हुए हैं।           मेरा आपके माध्यम से सरकार से आग्रह है कि फिर से उत्तराखंड के नवनिर्माण के लिए भूमि चिह्नित की जाए। आज वहां के लोग आसमान के नीचे, तारों के नीचे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं और ऊपर से वर्षा पड़ रही है। हाल ही में अब बर्फ पड़नी शुरू हो जायेगी। मेरा सरकार से अनुरोध है कि वहां पर सहायता पहुंचाई जाए, सुदूर के गांवों में खाद्यान्न, मिट्टी का तेल, अनाज आदि पहुंचाया जाए, जिससे कि वहां के लोग भुखमरी के कगार पर न पहुंच पाएं और उसके साथ-साथ ऐसी भूमि चिह्नित की जाए जिससे कि ज्योलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया अपनी रिपोर्ट दे, ताकि वहां फिर से उनके गांव बन सकें, उनके मकान बन सकें।           अंत में मैं यही कहना चाहूंगा -

          “मेरे वतन की बहार जवान होने दो, महान है मेरा भारत महान होने दो,           किसी को सींच रहे हो, किसी पर पानी बंद, तमाम खेतों की फसलें समान होने दो,           गुबार दिल का, गर्दों से ख्याल दूर करो, नई जमीन नया आसमान होने दो,           सुभाष, गांधी, जवाहर की रूह भी यही कहती है, तमाम देश को एक खानदान होने दो।”   अध्यक्ष महोदया : यह तय हो चुका है कि नियम 193 में सबसे पहले चर्चा इसी पर होगी।

श्रीमती सुषमा स्वराज (विदिशा):पूरी चर्चा होगी।...( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : हां, पूरी चर्चा होगी।

…( व्यवधान)

  अध्यक्ष महोदया : श्री पी.एल.पुनिया अपने आपको श्री सतपाल महाराज जी के विषय के साथ सम्बद्ध करते हैं। श्री गोपीनाथ मुंडे, आप बोलिये। ...( व्यवधान)

SHRIMATI JAYAPRADA (RAMPUR): Madam, please allow me to speak.

अध्यक्ष महोदया : जयाप्रदा जी, आपका नोटिस नहीं है, I do not know what you want to speak on. श्रीमती जयाप्रदा : मैंने सुबह नोटिस दिया था। ...( व्यवधान)

MADAM SPEAKER: Then you should have told me. Your notice is not here. Submitting notice is not enough, it should come here. श्रीमती जयाप्रदा : मैंने नोटिस दिया है।

अध्यक्ष महोदया : आपने किस विषय पर नोटिस दिया है, आपका विषय क्या है?

श्रीमती जयाप्रदा : महोदया, मुम्बई में जो गैंगरेप हुआ है, मैं उस पर बोलना चाहती हूं। अध्यक्ष महोदया : हां, वह बोल रहे हैं। मुंडे जी, इसी पर बोलने के लिए खड़े हुए हैं, आपको भी बुलवा देंगे। …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : मुंडे जी, इसी पर बोल रहे हैं।

…( व्यवधान)

MADAM SPEAKER: I have given time for this very subject. Mundeji is raising it. श्री दिनेश चन्द्र यादव (खगड़िया):महोदया, मैं बिहार के बारे में बोलना चाहता हूं। अध्यक्ष महोदया : आप बैठ जाइये, आप बहुत देर से खड़े हैं।

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