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Lok Sabha Debates
Need For Central Assistance To Construct Another Legislative ... on 20 April, 2010

Title: Need for central assistance to construct another Legislative Assembly of Uttrakhand at Gairsain.

श्री सतपाल महाराज (गढ़वाल): महोदय, केन्द्र सरकार द्वारा पहाड़ी क्षेत्र की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए 9 नवम्बर, 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग कर एक नये राज्य उत्तराखंड का गठन किया गया । इस राज्य को पहाड़ की जनता ने इस भावना से बनवाया था कि उनकी विधान सभा, उच्च न्यायालय, शिक्षा, पुलिस व स्वास्थ्य मुख्यालय आदि उनके अपने पहाड़ में ही सित होंगे तथा पहाड़ी क्षेत्रों का विकास भी मैदानी इलाकों की तरह तेजी से होगा तथा वहां की जनता की आय के साधन बढ़ेंगे ।

          जिस प्रकार अन्य पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू एवं कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में विधान सभाओं के सत्र दो-दो स्थानों पर होते हैं उसी प्रकार उत्तराखंड में भी विधान सभा के सत्र देहरादून तथा गैरसैण में किये जाएं । उन राज्यों में दो-दो स्थानों पर सत्र होने से जम्मू एवं धर्मशाला का विकास उसी प्रकार हुआ है जिस प्रकार श्रीनगर एवं शिमला का । वहां के लोगों के रोजगार के अवसर बढ़े हैं तथा विधान सभा सत्र होने से प्रशासनिक तंत्र भी विकास में तीव्रता दिखाते हुए कार्य करता है ।

          गैरसैण उत्तराखंड का वह क्षेत्र है जो उत्तराखंड के गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्रों के मध्य में स्थित है । यदि वहां विधान सभा का सत्र होता है तो गढ़वाल एवं कुमाऊँ दोनों क्षेत्रों का विकास समान रूप से होगा तथा उत्तराखंड राज्य के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया उनकी भी मनोभावना पूर्ण हो सकेगी । मेरा अनुरोध है कि केन्द्र सरकार उत्तराखंड में भी इसी प्रकार की व्यवस्था गैरसैण में करें, वहां भी एक विधान सभा भवन बनाया जाए जिससे वहाँ भी सत्र होने पर प्रदेश का समग्र विकास हो सके ।

          राज्य सरकार के सीमित संसाधान होने के कारण इस विधान सभा भवन को बनाने के लिए केन्द्र सरकार को पूर्ण रूप से सहयोग करना होगा तभी यह कार्य संभव हो पायेगा ।